जानें, गोखरू के आयुर्वेदिक फायदे के बारे में

           गोखरू एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि हैऔर स्वास्थ्य के लिए एक उपयोगी हर्ब है। जिसका उपयोग प्राचीन काल से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है. गोखरू का उपयोग आयुर्वेद चिकित्सा में वात दोष एवं पित्त दोष को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. यह एक ऐसा पौधा है, जिसके हर भाग का प्रयोग कई रोगों को ठीक करने में होता है. गोखरू से निर्मित हर्बल औषधियां सिर्फ सामान्य बीमारियों के लिए ही नहीं, बल्कि यौन समस्याओं और निःसंतानता को भी ठीक करने में लाभकारी हैं. चरक संहिता के अनुसार, गोखरू  का सेवन मूत्र (पेशाब) से संबंधित समस्याओं एवं वात रोग के लिए प्रमुख रूप से प्रभावी होती है. यह शरीर की सूजन को कम करती है. दशमूल औषधि में भी गोखरू की जड़ का इस्तेमाल किया जाता है. गोखरू के कई फायदे-नुकसान होने के साथ ही कुछ दिशानिर्देश भी हैं, जिसका पालन आयुर्वेदिक चिकित्सक की निगरानी में करना चाहिए. गोखरू के फायदे-नुकसान  के बारे में विस्तार से बता रही हैं, यदि आप इसके बारे में नहीं जानते, तो जरूर जान लें। खासकर, वे पुरुष-महिलाएं जिनकी सेक्सुअल लाइफ और सेक्सुअल सेहत में काफी समस्याएं हैं। इसका वैज्ञानिक नाम ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस  है। इसकी तासीर गर्म होती है। गोखरू का इस्तेमाल सदियों से कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। इसके फल पर कांटे लगे होते हैं और आकार में यह काफी छोटा होता है। जानें, गोखरू के सेवन से सेहत को क्या फायदे होते हैं...

गोखरू कई शारीरिक समस्याओं जैसे सीने में दर्द, एग्जिमा, प्रोस्टेट के आकार को सही करता है। गोखरू सेक्सुअल समस्याओं को दूर करने के लिए हेल्दी हर्ब माना गया है। सेक्सुल डिसऑर्डर के साथ ही यह इंफर्टिलिटी की समस्या को भी दूर करता है। 

गोखरू के फायदे 

गोखरू से सिर दर्द में राहत

तनाव के कारण आज हर कोई सिर दर्द की समस्या से ग्रस्त रहता है. यदि आप सुबह-शाम गोखरू के काढ़े का सेवन करें, तो इससे पित्त दोष नियंत्रित होता है, जिससे सिर दर्द दूर होता है.

त्वचा के लिए

गोखरू के फायदे त्वचा को चमकदार बनाने के भी काम आ सकते हैं। दरअसल, गोखरू के अर्क का इस्तेमाल कर क्रीम तैयार की जाती, जिसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-वायरल गुण होते हैं। यह क्रीम त्वचा के लिए लाभदायक हो सकती है

गोखरू दमा से दिलाए निजात

प्रदूषण के कारण ज्यादा लोग दमा जैसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में आप गोखरू से निर्मित औषधियों का सेवन करते हैं, तो बहुत ही जल्दी आपको दमा की समस्या से छुटकार मिल सकता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक गोखरू से साथ अंजीर के सेवन की सलाह भी देते हैं, अश्वगंधा और गोखरू का मिश्रण दमा की बीमारी में आराम दिलाता है. शहद के साथ गोखरू का सेवन करने से भी दमा के मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं.

खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद

गोखरू का सबसे बड़ा फायदा खिलाड़ियों के लिए माना जाता है। दरअसल, गोखरू में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। साथ ही गोखरू को शारीरिक क्षमता बढ़ाने में प्रभावी माना गया है। गोखरू का सेवन खिलाड़ियों को हृदय संबंधी समस्याओं से भी बचाकर रख सकता है । विशेषज्ञों के द्वारा किए गए अध्ययन में देखा गया है कि गोखरू का सेवन शारीरिक क्षमता बढ़ाने, खासकर वजन उठाने वाले खिलाड़ियों में सक्रिय भूमिका निभा सकता है

गोखरू पाचन तंत्र करे मजबूत

गोखरू का काढ़ा पाचन शक्ति में वृद्धि करता है. पाचन क्षमता में मजबूती लाता है. हाजमा शक्ति के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा गोखरू के चूर्ण की सलाह देते हैं. पीपली के चूर्ण के साथ गोखरू औषधि को लेने से पेट से संबंधित सभी प्रकार के रोगों से राहत मिलती है.

दस्त से निजात दिलाता है गोखरू

आज हर किसी को मसालेदार खाना खाने की आदत हो गई है. ऐसे में दस्त जैसी समस्या होना लाजमी है. दस्त से छुटकारा पाने के लिए गोक्षुरा चूर्ण का सेवन मीठे फलों के साथ करना चाहिए.

गोखरू पेशाब संबंधी दिक्कतों को करे नियंत्रित

डायसूरिया (Dysuria) और पथरी रोगों को नियंत्रित करने में गोखरू अहम भूमिका निभाता है. यदि किसी को बार-बार पेशाब आता है या कम पेशाब आता है, तो गोखरू का सेवन कर सकते हैं.

गर्भाशय और यूटरस दर्द में मिले आराम

कुछ शोध के अनुसार, यह महिलाओं में भी सेक्सुअल समस्याओं को ठीक करता है। एक महीने तक इसके लगातार सेवन से सेक्सुअल डिजायर, कामुकता, सेक्स पावर, लुब्रिकेशन और सेक्स करने की ताकत में इजाफा होता है। यौन समस्याओं से निजात दिलाने में गोखरू का सेवन फायदेमंद (Gokhru) होता है।महिलाओं में होने वाली पेल्विक दर्द की समस्या से गोखरू सेवन से निजात मिलती है. आयुर्वेदिक चिकित्सक मुलेठी, काली किशमिश और गोखरू चूर्ण मिश्रित औषधि देने से महिलाओं को दर्द से छुटकारा मिल सकता है.

गोखरू पुरुषों में बढ़ाए लो स्पर्म काउंट  

पुरुष निःसंतानता के अंर्तगत आने वाली समस्या लो स्पर्म काउंट को ठीक करने के लिए गोखरू रामबाण दवा की तरह काम करता है. जो पुरुष लो स्पर्म की समस्या के कारण पिता नहीं बन पाते हैं, उन्हें गोखरू चूर्ण को दूध के साथ लेने की सलाह आयुर्वेदिक चिकित्सक देते हैं. शतावर और गोखरू को एक साथ लेने से इनफर्टिलिटी की समस्या दूर हो जाती है. इसमें स्पर्म की क्वालिटी और स्पर्म की क्वांटिटी दोनों को ठीक करने का गुण होता है और पुरुषों की शरीरिक क्ति में वृद्धि भी करता है. इरेक्‍टाइल डिसफंक्शन की समस्या करे दूर.यह इरेक्‍टाइल डिसफंक्शन की समस्या को भी दूर करता है, इसलिए पुरुषों के लिए इसे काफी लाभकारी माना जाता है। जिन्‍हें शारीरिक कमजोरी महसूस होती है, उन्हें भी इसका सेवन करना चाहिए। गोखरू का सेवन  सिर्फ 60 दिन में स्पर्म कांउट को बढ़ा देता है, जिससे पुरुषों को इंफर्टिलिटी की समस्या से निजात मिलती है। दो से तीन महीने तक इसका सेवन करने से पुरुषों की सेक्सुअल डिजायर और फर्टिलिटी दोनों बढ़ती है। पुरुषों को बांझपन से छुटकारा मिलता है।इसके लिए आपको चना, गोखरू का रस या चूर्ण और मिश्री की बराबर मात्रा चाहिए। चनों को 24 घंटे के लिए गोखरू के रस में मिलाएं। जब चने रस से भर जाएं तब इन्‍हें छाया में सुखा लें। सूखने के बाद इनका चूर्ण बना लें। इसका 1 चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ शहद मिला कर खाएं। 

सीने का दर्द करे कम

गोखरू का रस सीने के दर्द को कम करता है। हृदयशूल या दिल का दर्द एक बीमारी है, जिसके कारण सीने में दर्द पैदा हो जाता है। गोखरू का सेवन हृदयशूल के उपचार के लिए करना लाभकारी होता है  लेकिन इसका सेवन वैद्य के परामर्श के अनुसार ही करना चाहिए।

रक्त पित्त और बुखार में लाभकारी

यदि आपको रक्त पित्त की परेशानी है और ठीक नहीं हो रही है, तो भी आप आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर गोखरू का सेवन कर सकते हैं.

एग्जिमा का उपचार

त्वचा से संबंधित बीमारी एक्जिमा का भी गोखरू इलाज  करता है। यह त्वचा के लाल पड़ने और स्किन ब्रेकआउट को ठीक करने में मदद करता है।

गोखरू के पौष्टिक तत्व 

पौष्टिक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट15.0g
प्रोटीन1.3g
फैट0.52g
विटामिन सी14.2g
कैल्शियम19.92g
फ्लेवोनोइड59 μg

गोखरू का उपयोग निम्न प्रकार किया जा सकता है।

1.गोखरू के पाउडर को पानी के साथ उबालकर पिया जा सकता है।

2.गोखरू के सूखे पाउडर और अदरक के पाउडर को मिलाकर एक गिलास पानी में उबाल लें और

फिर इसका सेवन कर सकते हैं।

3.गोखरू के अर्क का सेवन किया जा सकता है।

4.गोखरू का अर्क त्वचा पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

5.गोखरु के तने से काढ़ा बनाकर, उसे पिया जा सकता है।

6.गोखरू पाउडर को आप मट्ठे के साथ मिलाकर पी सकते हैं।

गोखरू के नुकसान

आयुर्वेद में हर औषधि के फायदे और नुकसान होते हैं, यदि आप उनकी उचित मात्रा का सेवन नहीं करते है, ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना अनिवार्य है. आयुर्वेद में ऋतु चर्या का विशेष महत्व है, इसलिए ऋतु के आधार पर गोखरू का सेवन करना चाहिए. यदि आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं, तो पेशाब में जलन और उल्टी की दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में इसका सेवन एक तय समय तक ही करना चाहिए अन्यथा इसके कुछ दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं.

यह शरीर के वात, पित्त और कफ को नियंत्रित करता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेकर किया जाए, तो लाभ जल्दी होगा और आपको इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा। 



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