करेले के स्वास्थ्य वर्धक गुण

  करेले का कड़वा स्वाद भले ही आपको विचलित करे लेकिन इसके स्वास्थयवर्धक गुणों के कारण ये काफी लोकप्रिय है. इसके औषधीय गुणों से आप कई तरह की परेशानियों से बच सकते हैं. इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फोलेट, विटामिन ए, विटामिन सी और कई विटामिन बी का एक प्रचुर स्रोत है. इसमें आहार फाइबर भी अच्छी मात्रा में शामिल है और इसमें कैलोरी भी कम होती है.

 यह लिनोलेनिक एसिड (एक आवश्यक, ओमेगा -6 फैटी एसिड) और ओलिक एसिड (एक असंतृप्त वसा) का भी एक अच्छा स्रोत है. आइए करेले के फायदे और नुकसान को जानें.कड़वे करेले में बीमारियोंं से लड़ने की उम्दा शक्ति है| प्रति 100 ग्राम करेले में लगभग 92 ग्राम नमी होती है। साथ ही इसमें लगभग 4 ग्राम कार्बोहाइडेट, 15 ग्राम प्रोटीन, 20 मिलीग्रामकैल्शियम, 70 मिलीग्राम फस्फोरस, 18 मिलीग्राम, आयरन तथा बहुत थोड़ी मात्रा में वसा भीहोती है। इसमें विटामिन ए तथा सी भी होती है जिनकी मात्रा प्रति 100 ग्राम में क्रमश:126 मिलीग्राम तथा 88 मिलीग्राम होती है।

1. वजन घटाने में सहायक

करेला फायटो-न्यूट्रिएंट्स एवं एंटी-ऑक्सीडेंट का एक बहुत ही प्रचुर स्रोत है जो वजन घटाने में सहायक है. यह कार्बोहाइड्रेट्स के उपापचय को उत्तेजित कर शरीर में एकत्रित वसा की मात्रा को कम करता है. इसके अलावा यह फाइबर का भी एक अच्छा स्रोत है और इसमें कैलोरीज भी कम होती है.

2. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में

यह हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है. इसका श्रेय इसमें निहित उत्तम फायटो-नुट्रिएंट्स एवं एंटी-ऑक्सीडेंट्स को जाता है. इससे दिल के दौरे, हृदय रोग एवं स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है.

3. हैंगओवर्स से छुटकारा दिलाए

यदि आप हैंगओवर्स से परेशान हैं तो करेले के पास आपकी इस समस्या का भी समाधान है. इसमें एंटी-इन्टॉक्सिकेशन गुण पाए जाते है जो शरीर से विषाक्त प्रदार्थों को निकास द्वार तो दिखाता ही है परंतु साथ ही में शराब द्वारा लिवर को पहुँचने वाली क्षति से भी बचाव करता है. यह आपकी शराब पीने की लत को भी कम कर देता है.

4. मधुमेह को नियंत्रित करने में

यह रक्त में शर्करा के स्तर को प्रभावित कर उसे कम करने में सहायता करता है. इसके अलावा इसमें चरन्तीं, विसीने पॉलीपेप्टाइड-पी नामक तीन सक्रिय मधुमेह विरोधी यौगिक भी मौजूद हैं. यह पैंक्रियास के इन्सुलिन उत्पादन को उत्तेजित करता है और इन्सुलिन प्रतिरोध से भी बचाव करता है. इसकी यह खूबी इसे टाइप-1 एवं टाइप-2 दोनों ही प्रकार के मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद बना देती है.

5. कैंसर से करे बचाव

करेले में निहित एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की फ्री-रेडिकल क्षति से सुरक्षा करता है. करेले का सेवन करने से ग्रीवा, प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है. एक शोध के अनुसार करेला ट्यूमर के विकास पर भी रोक लगाता है.

6. लिवर के लिए स्वास्थ्यवर्धक

करेले के लिए अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक होते हैं. यह लिवर के कार्यशीलता में सुधार लाता है और रक्त को स्वच्छ करने में मदद करता है. यह लिवर में से विषाक्त प्रदार्थों को बहार निकालने में भी सक्षम है. लिवर के सुचारू रूप से कार्य करने पर मोटापा, हृदय रोग, क्रोनिक थकान, सिर दर्द, पाचन समस्याओं, पीलिया एवं अन्य कई रोगों के होने का खतरा कम हो जाता है.

7. आंत के कीड़ों को खत्म करे

करेले में अन्थेलमिंटिक यौगिक पाए जाते हैं जो आंत में हानिकारक कीड़ों का नाश करते हैं. यह ना केवल उन परजीवी का अंत करता है अपितु साथ ही उनके मरणोपरांत आंत में बचे विषाक्त प्रदार्थों से भी छुटकारा दिलाता है.

8. रक्त को साफ रखे

करेला शरीर में एक प्राकृतिक रक्त शोधक के रूप में कार्य करता है और रक्त को स्वच्छ रखने में सहायक है. यह रक्त विकारों के उपचार में मदद करता है. यह त्वचा को नाय निखार देने के लिए भी जाना जाता है और त्वचा को मुँहासे, सोरायसिस और एक्जिमा जैसी समस्याओं से भी मुक्त कराता है.

9. इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत

नियमित रूप से करेले का सेवन शरीर को बीमारियों से लड़ने की अमित क्षमता प्रदान करता है. यह इम्यून सिस्टम को फ्री-रेडिकल क्षति से भी बचाता है. अपने इम्यून सिस्टम की शक्ति को बढ़ावा देने के लिए करेले को अपने दैनिक आहार में शामिल करें और गंभीर बीमारियों से शरीर का संरक्षण करें.

10. बवासीर का उपचार करने में

करेले में निहित उत्तम एंटी-इंफ्लेमेटरी एवं एंटी-ऑक्सीडेंट गुण, इसे बवासीर के लिए एक उत्तम आहार बनाते हैं. इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है को मल-त्याग क्रिया को नियमित एवं सरल बना देते हैं. करेला इस वजह से बवासीर एवं बार बार होने वाली कब्ज दोनों से छुटकारा दिलाने में सक्षम है.

11. उल्टी-दस्त का उपचार करने में

करेले के तीन बीज और तीन कालीमिर्च को पत्थर पर पानी के साथ घिसकर बच्चों को पिलाने से उल्टी-दस्त बंद होते हैं।करेले के पत्तों को सेंककर सेंधा नमक मिलाकर खाने से अम्लपित्त केरोगियों को भोजन से पहले होने वाली उल्टी बंद होती है।

12. लकवे के रोगियों को करेला जबरदस्त फायदा 

लकवे के रोगियों को करेला जबरदस्त फायदा पहुंचाता है। दस्त और उल्टी की शिकायत की सूरत में करेले का रसनिकालकर उसमें काला नमक और थोड़ा पानी मिलाकर पीने से फायदा देखा गया है। 

 करेले के नुकसान

* जिन करेलों पर पीले या नारंगी रंग के धब्बे हो या फिर नरम स्थल हो उन्हें खरीदने से बचें.

* इसके अत्यधिक सेवन से पेट में हल्का दर्द या दस्त हो सकता है.

* गर्भवती महिलाओं को बहुत ज्यादा करेला खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह समय से पहले ही शिशु-जन्म का कारक बन सकता है.










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